घमंडी बहु की काहानी, Moral stories in hindi (2022)

घमंडी बहु की काहानी: निशा को अपने सुंदरता पर बहुत घमंड था, वो अपने आपको दुनिआ के सबसे खूबसूरत मानती थी, और इसलिए वो पूरा दिन आईने के सामने खुद को निहारती रहती थी, खुदसे बात करती थी, और खुद ही खुदकी तारीफ करती थी। 

उसकी सास उसे बहुत समझाया कभी कभी घर मैं इसके वजह से झगड़ा भी होता था, लेकिन निसा अपने हरकतों से बाज नहीं आयी, वो अपने ही धों मैं मगन थी, फिर एक दिन किसी रिस्तेदार का सदी का निमंत्रण आया और सास बहु दोनों जाने केलिए मन गए .

जब जाने का समय  हुआ तो दोनों मैं फिर से झगडाड सुरु हो गया, निसा अपने आपको सवारने मैं लगी हुई थी, और उसकी सास बोलै बोलै कर थक रही थी, आखिर कर २ घंटे सजने सवारने के बाद निसा बहार निकली, और सदी केलिए चल पड़ी।

घमंडी बहु की काहानी, Moral stories in hindi

सदी मैं पहुंचने के बाद सामने लड़के  बाप आया और बोला आइए बेहेन जी आने मैं  देर कर दी, तो निसा की सास बोली हाँ भाई साहब क्या बताएं, हमेंसा कितना भी कोसिस करो लेकिन देर तो हो ही जाती है ना।

तभी निसा की नजर स्टेज पर बैठे मदनलाल की बेटे भाग्य पर पड़ी, और साथ मैं उसके साथ बैठी हुई उसकी बीवी को भी देखा, इतने ही मैं निसा बोल पड़ी की। 

  • निसा: अरे यह क्या भाग्य जी तो कहे रहे थे की उनकी बीवी बहुत सुन्दर है,
    इतना ज्यादा पढ़ी लिखी है, लेकिन यह तो एकदम काली है। 
  • निसा की सास – अरे अछि भली तो है, बस थोड़ी सावली है,
    इसमें क्या बुराई है?
  • निसा – कहाँ माँ जी यह तो पूरी काली है, कालीइइइ……,
    जाइए अपना चस्मा लगा कर आइए। 

निसा की सास इसरों मैं उसे चुप रहे को केहेती है, लेकिन निसा ठहरी घमंडी, वो कहाँ किसी की सुनने वाली थी, अपना खूबसूरती का बखान तो वो करके ही रहती थी, कभी भी एक भी मौका नहीं छोड़ती थी। 

इसतरह से निसा की जिंदगी चलती रही, फिर एक दिन, निसा की सास घर का काम कर रही थी, और अचानक, उसका कमर में दर्द होने लगा, तो उसने निसा से कहा की, घर का काम आज तुम कर दो।

घमंडी बहु – Hindi kahani, Moral stories in hindi

निसा केहेती है, ची मैं यह काम करूंगी तो मेरा चेहरा ख़राब हो जायेगा, मैं यह सब नहीं करने वाली हूं। यह कहे कर निसा चली जाती है। 

उतने ही मैं वहां पर एक आदमी आता है, जो मेकउप लेलो मेकउप लेलो चिलरहा होता है, निस्सा उस मेकउप वाले को देख कर खुस हो जाती है, और उसे अपने घर मैं बोलती है, वो इंसान निसा को बहुत सारे मेकउप का सामान दिखता है, निस्सा की खुसी का ठिकाना नहीं रहता। 

निसा कि सास उसे बहुत समझती है, की निसा यह सब मतलो यह सब चाइना का सामान है, नजाने इसमें क्या क्या मिला होगा, लेकिन निसा अपने सास की एक नहीं सुनती और मेकउप वाले से मेकउप खरीद लेती है। 

इसके बाद रात को निसा ने वो मेकउप को भर भर के अपने चहरे पर लगाती है, और खुद की सुंदरता का तारीफ करते हुए सो जाती है।

सुभे होता है, और हर दिन की तरह निसा सबसे पहले आईने के सामने आती है, और जैसे ही वो आईने के सामने आती है, तो बहुत जोर से चिलाती है, निसा की चिक सुन कर उसकी सास भागते हुए आती है, और निसा को देख कर डर जाती है, और केहेती है।

  • निसा की सास –
    अरे चुड़ैल चुड़ैल कहाँ से आगयी तू मीटर घर मैं ?
  • निसा –
    अरे सासु माँ यह मैं हूँ, निसा आपकी बहु। 
  • निसा की सास –
    अरे हा हा हा हा ….., वाह यह तो अच्छा हुआ,
    लेकिन तेरा चेहरा तो चाँद की तरह चमकता था,
    लेकिन अब यह कैसे हो गया ?
  • निसा – पता नहीं माजी कल रात को मेने वो मेकउप लगा कर सोई थी,
    और सुभे यह हालत हो गयी।


निसा की सास – मेने तो पहले ही कहा था, की यह सब बेकार के सामान मत खरीदो, यह सेहत केलिए सही नहीं है, लेकिन तूने मेरी बात नहीं मणि, और देख लिए न नाती जा क्या हुआ ? वैसे जो हुआ अच्छा हुआ अब तेरे सर से खूबसूरती का घमंड तो उतर जायेगा।

CONCLUSION :

दोस्तों हमें किसी भी चीज का घमंड नहीं करना चाहिए, हमारे पास जो भी है उसमे हमें खुस रहना चाहिए, लेकिन उसका घमंड नहीं होनी चाहिए, क्या पैट कब वो चीज हमसे दूर चली जाये, और हमें दूसरों के सामने सर्मिन्दा होना पड़े, और कहीं से भी कोई ऐसा चीज को नहीं खरीदना चाहिए, जिसका कोई नाम न हो, जिस कंपनी का कोई नाम नहीं होगा, उस कम्पनी का प्रोडक्ट हमें बहुत नुकसान पहुंचा सकती है। 

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